Sunday, September 6, 2009

संसार का सबसे हल्का पदार्थ कौन सा है और इसकी खोज किसने की थी?

ऐरोजैल इस दुनिया का सबसे हल्का पदार्थ है. इसे अकसर ठोस धुंए की संज्ञा दी जाती है. क्योंकि ये देखने में पारदर्शी और धुंधले नीले रंग का होता है. इसमें 99.8 प्रतिशत हवा होती है. अस्ल में ऐरोजैल एक सख़्त झाग है जिसे सिलिकॉन डाइऑक्साइड और रेत से बनाया जाता है. इन्ही पदार्थों से शीशा भी बनता है लेकिन ऐरोजैल शीशे के मुक़ाबले बहुत हल्का होता है.
इसकी एक ख़ूबी ये भी है कि ये अपने से हज़ारों गुना ज़्यादा दबाव झेल सकता है और 1200 डिग्री सैल्सियस तापमान पर पंहुचकर ही पिघलता है. ऐरोजैल का आविष्कार सन 1932 में सैमुअल किसलर नाम के एक वैज्ञानिक ने किया था.
मौनसैंटो कम्पनी ने ऐरोजैल के अधिकार ख़रीद कर इसे इन्सुलेटर की तरह प्रयोग किया. लेकिन इसकी ख़ासियतों को अस्ल में पहचाना द जैट प्रोपल्शन लैबोरेट्री ने और इसका प्रयोग अन्तरिक्ष यात्रा में किया जाने लगा.

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