वैज्ञानिकों का मत है कि कोई साढ़े चार से पाँच अरब साल पहले जब हमारा सौर मंडल बना, तभी पृथ्वी का जन्म हुआ था और इसका अंत भी उसी से जुड़ा है. जब तक सूर्य है तब तक ये सारे ग्रह उसके चारों ओर घूमते रहेंगे. सूर्य के गर्भ में जो नाभिकीय क्रियाएं चल रही हैं उसी से ऊर्जा पैदा होती है. जब तक यह नाभिकीय ईंधन है तब तक सूर्य चलता रहेगा. जब यह समाप्त हो जाएगा तो सूर्य का विस्तार होगा और वह रैड जायन्ट या लाल दानव बन जाएगा. इतना विशाल कि वह पृथ्वी की कक्षा को भी घेर लेगा. ग्रह मंडल में भारी हलचल मचेगी और पृथ्वी का अंत हो जाएगा. लेकिन वैज्ञानिकों का अंदाज़ा है कि सूर्य अभी पाँच अरब साल तक और जलता रहेगा.
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